Halloween क्या है और इसको क्यों celebrate करते है?

What is Halloween?

हेलोवीन हर साल 31 octrober को मनाया जाता है, ये एक डरावना उत्सव (spooky celebration) के रूप में पश्चिमी जगत (western countries) में मनाया जाने वाला एक ऐसा त्यौहार है जिसके बारे में बहुत सी धारणाएं प्रसिद्ध हैं, एक धारणा तो ऐसी भी हैं जिसमें ऐसा माना जाता है कि इस दिन भुत प्रेत आत्माये धरती पर आती हैं । इस साल (2017 में) ये मंगलवार को मनाया जाएगा । इसे All saint’s day या All saint’s eve या Allhalloween भी कहा जाता है ।

जिस तरह से भारत में कई तरह के त्यौहार जैसे  होली, दिवाली, राखी, दशहरा,  ईद-उल-फितर, बकरीद, मुहर्रम आदि, और  गुरुनानक जयंती, बैसाखी आदि त्यौहार मनाये जाते हैं उसी तरह ईसाईयों में भी क्रिशमस, गुडफ्राइडे, इस्टर और इन्ही का एक त्यौहार हैलोवीन भी मनाया जाता है । जो आज लोग हैलोवीन मनाते हैं वो वास्तव में Britain के Celtic fringes से उत्पन्न हुआ है और ये क्रिशचनों तथा अप्रवासीयों द्वारा अपनाया गया था ।

यह दिन celtic calender का आखिरी दिन होता है। इसलिए परंपरागत रूप से celtic लोगों के बीच में ये 31 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है ।

Samhain एक gaelic festival है जो फसल के समय (harvest season) का अंत है और सर्दियों की शुरुआत है।

हैलोवीन के पीछे का इतिहास

हैलोवीन त्यौहार के पीछे बहुत सारे विवादित धारणाएं है। कुछ लोगों का मानना है कि ये एक प्राचीन seltic त्यौहार, जिसे samhain कहा जाता है से related है, इस दिन गेलिक परम्पराओं को मानने वाले लोग इस त्यौहार को मनाते हैं और ये फसल के मौसम (harvest season) का आखिरी दिन होता है और इस दिन से ठण्ड की शुरुआत होती है, और वे इस दिन को celebrate करते हैं ।

Gaels विचारधारा को मानने वालों का मानना था कि ये एक ऐसा time होता था जिसमे हमारी दुनिया और दूसरी दुनिया के बीच की दीवारें पतली और छिद्रपूर्ण हो जाती थी जिसमे से आत्माएं धरती पर आकर जीवित लोगों के फसलों को नुकसान पहुचाती थी, तथा जीवित लोगों को डराती व परेशान करती थी, इन आत्माओं का डर भागने के लिए लोग राक्षसों और भूतों जैसे कपडे पहनते थे, उन आत्माओं को आकर्षित करने के लिए dinner टेबल सजाया जाता था, उनका स्वागत किया जाता था, फिर bonfire जलाकर उसमे मरे हुए जानवरों की हड्डियाँ फेक दी जाती थी जिससे बुरी आत्माएं दूर चली जाती थी।

इस ट्रिक या dress-up की उत्पत्ति 16th century में Ireland, Scottland और Wales में हुई जहां लोग दरवाजे दरवाजे जाकर गाने या कविता के बदले खाने की मांग करते है। बहुत से लोग आत्माओं तथा राक्षसों के रूप में तैयार होते है।

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हैलोवीन में ड्रेसिंग का महत्व ?

Celts को काले फेस पर सफ़ेद मेकअप के साथ तैयार किया जाता है ताकि वो बुरी आत्माओं का पता लगा सकें, ऐसा माना जाता था कि वे आत्माएं All Saints Day, 1st नवम्बर से पहले पृथ्वी पर घूम रही होंगी ।

इस प्रथा को, 11वीं शताब्दी में एक ‘souling’ नामक tradition के रूप में एक चर्च द्वारा अपना लिया गया जिसके वजह से trick-or-treating खेल का प्रारंभ हुआ । इस खेल में बच्चे, मित्रों और रिश्तेदारों के घर घर (door-to-door) जाकर उनके लिए प्रार्थना करते हैं और उसके बदले केक मांगते हैं। बच्चे angels, राक्षस या संत के रूप में तैयार होते हैं । वो केक मीठा होता है और holy cross से बने इस केक को जब बच्चे खाते हैं तो ऐसा माना जाता है की आत्माएं मुक्त हो जाती हैं ।

ये त्यौहार सुनने में तो डरावना लगता है पर इसे लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ बहुत ही मजेदार तरीके से खेलते हैं और enjoy करते हैं ।

jack o lantern

jack o lantern का अपना एक अलग ही महत्व है लोग कद्दू खरीद कर उसके अंदर आंखे और मुह का आकार बनते है और हेलोवीन वाले दिन उसमे मोमबत्ती रखते है जैसे की फोटो में दिख रहा है और त्यौहार खतम होने के बाद उसको सभी कद्दुओ को इकट्ठा कर कर एक गड्ढे में दबा देते है|

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